पता नहीं मैं ही क्यों अब तक उसके बारे में सोच रहा हूँ| पता नहीं वो मेरे बारे में सोच रहा हैं या नहीं ? खैर वो सोच रहा हैं या नहीं, यह सोचने के लिए दिल ने मौका ही कहाँ दिया|
मन में उबलते बहुत-से अनकहे विचारों में से कुछ, जिन्हें कागज़, कलम और दवात नसीब हुए
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