October 3, 2009

"मैंने -२" ("मैंने सहा हैं")

मैंने सहा हैं
अन्याय को
शरीर के बजाय
आँखों से
अन्याय
जो दूसरों के शरीर पे घांव कर चुका होता हैं,
उसे मैंने अपनी आत्मा पर भी घांव करने दिए हैं|

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