April 18, 2008

" दूर और पास "

सामने बैठे हो
पर ऐसा लगता है
जैसे जानता ही नहीं तुम्हें
पहचानता ही नहीं तुम्हें
दूर कहीं दूर हो तुम मुझसे
और मैं
पास कहीं पास हूँ तुम्हारे

--- 12th May 2005 को लिखीं ।

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