April 24, 2008

हमेशा सकारात्मक सोचे...

मेरे एक मित्र हैं, तेजप्रताप जी। उन्होंने मुझे एक इ-पत्र भेजा। पत्र, जिसे भेजने वाले ने बहुत खूबसूरती-से तैयार किया हैं। (यहाँ भेजने वाले से मेरा तात्पर्य सबसे पहले प्रेषक से हैं। क्योंकि उन्हें भी शायद किसी और ने ही भेजा हैं।) उस पत्र में हमेशा सकारात्मक सोचने की बात कुछ चित्रों के माध्यम से बड़ी खूबसूरती के साथ कही गई हैं। मेरा मन हुआ कि मैं उसे आप सभी के साथ बाटू। सो, आप लोगों के लिए मैं उसे यहाँ पेश कर रहा हूँ।

अगर आप सोचते हैं कि सबसे ज्यादा तनाव आपको ही हैं, तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं?
अगर आप सोचते हैं कि आपका काम सबसे कठिन हैं, तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं?

अगर आप सोचते हैं कि आपकी आय कम हैं, तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं? अगर आप सोचते हैं कि आपके बहुत ज्यादा दोस्त नहीं हैं, तो ख़ुद से पूछे कि क्या आपके पास एक अच्छा दोस्त नहीं हैं? अगर आप सोचते हैं कि आपकी पढ़ाई बोझिल और कठिन हैं, तो इसके बारे में आपकी क्या राय हैं?जब कभी भी लगे कि जीवन से पीछा छुडा लूँ, तो इनके बारे में सोच के देखें। अगर आप सोचते हैं कि आपने जीवन को सिर्फ़ झेला हैं, तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं? अगर आपको आपने देश की यातायात व्यवस्था से शिकायत हैं, तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं? अगर आप सोचते हैं कि आपका समाज आपके प्रति पक्षपातपूर्ण हैं तो इनके बारे में आपकी क्या राय हैं?






इसीलिए दोस्तों हमेशा सकारात्मक सोचे।

4 comments:

Sanjay Tiwari said...

गजब. गजब. गजब. काश लोग इसे देखते और दूसरों की समस्या से अपने समस्या की तुलना करते.
आप विस्फोट के सदस्य बनना चाहें तो आपका स्वागत है.

balman said...

दिल को छू गया.आज इस सकारात्मक सोच की बहुत जरूरत है.

Manas Path said...

वाह.

VARUN ROY said...

आशीष जी,
तस्वीरें प्रेरणादायी हैं. सकारात्मक सोच आदमी की जिंदगी बदल सकता है. औरों का तो पता नहीं पर क्यों न हमलोग सकारात्मक सोच को एक संक्रामक रोग की तरह अपने आस-पास के लोगों में फैला दें ?
वरुण राय