वो पूछते हैं ...
मुझ से
क्या हुआ हैं तुझे
क्यूँ जीने की चाह नहीं हैं
कुछ तो हुआ ही होगा
मैं सोचता हूँ
फिर कहता हूँ
न जाने उनसे या खुद से
पर कहता हूँ
कुछ भी तो नहीं हुआ
और जीने की चाह क्यूँ नहीं
हैं ना तभी तो जी रहा हूँ
कुछ भी तो नहीं हुआ
पर तभी दिल धीमे से
दिमाग से कहता हैं
झूठ बोल रहा हैं
June 15, 2010
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